Tuesday, October 29, 2013

आत्म द्वंद्व



कब तक भटके यूं मन मेरा,
कब होगा वो नया सवेरा।
कब पनपेगा आत्मनियंत्रण,
कब आयेगा वो पावन क्षण।

मैने खुद को क्या समझा था,
मैने खुद से क्या चाहा था।
सब कुछ अब हो गया विस्मरण।

Monday, October 7, 2013

नेता




जो हमें मार्ग दिखलाता है, जो उचित राह दर्शाता है
उसको हम नेता कहते है , जो काम हमारे आता है।

भय नही पराजय की उसको, ना होती चाह प्रशंसा की
निर्णय लेता वह तथ्यों पर, चाहे दुनियाँ भी हिल जाती।

सच्चाई के संग जीता वो, सिंह गर्जना करता वो
पर शालीन आचरण उसका, आत्म नियंत्रण रखता वो।

मानवता परिलक्षित होती, उसके दैनिक कर्मों में
आत्मचेतना होती प्रस्फुटित, उसके आभामंडल में।

Sunday, September 22, 2013

आत्म - निरीक्षण


मैं ही स्वयं  का रक्षक हूँ , 
मैं ही स्वयं का भक्षक भी।

मैं  ही कारक हूँ और मैं ही कर्त्ता भी,
मैं ही  निर्माता हूँ और मैं ही विध्वंसक भी।

Saturday, March 2, 2013

Thursday, February 28, 2013

समय का प्रवाह




मैने   देखा   है ,  नदी   मे  पानी  को   बहते हुए,
मैने   देखा   है ,  पत्तों   को  हवा  में  ड़ते  हुए,
मैने महसूस किया है, विचारों को प्रस्फुटित होते हुए,
मैने एहसास किया है भावनाओं को बाहर आते हुए |

लेकिन मैं नहीं जान पाया और न ही देख पाया,
समय को आगे निकलते हुए|